SQL Join Clause: SQL Joining क्या है तथा उसके विभिन्न प्रकार

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हेल्लो दोस्तों स्वागत है आपका हमारी एक और SQL Language कि फायदेमंद पोस्ट में | इस पोस्ट में Join Clause in SQL यानि कि SQL Join Clause क्या है तथा उसके विभिन्न प्रकार के बारे में बोहोत ही आसान तरीके से आपकी सरल भाषा हिन्दी में दर्शाया गया है |

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Join Clause in SQL

Article TypeSQL Language
Article CategoryComputer
Article NameSQL Join Clause क्या है तथा उसके विभिन्न प्रकार
Article LanguageHindi
Official Websiteshubhampal.co.in

SQL Join Clause क्या है

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SQL Join Clause क्या है तथा उसके विभिन्न प्रकार

Join clause in sql: Database में Join Clause का प्रयोग दो या दो से अधिक tables को उनके किसी common column के आधार पर जोड़‌ने के लिए किया जाता है। Join Clause का प्रयोग करके हम database में दो या दो अधिक tables के columns को एकसाथ में select कर सकते हैं तथा दोनों tables के records की mapping एक साथ में कर सकते हैं।

जब भी हम Join Clause का प्रयोग करके दो या दो अधिक tables की JOINING करते हैं तो उन tables के बीच में एक relationship होना जरूरी होता है जिससे कि JOINING के समय यह पता चल सके कि पहली table के records दूसरी table के किन records के साथ में map होंगे।

दोनों tables के बीच में relationship को primary key तथा foreign key constraints का प्रयोग करके create करते हैं अर्थात tables का आपस में JOINING करने करने के लिए foreign key relation होना बोहोत ही जरूरी होता है।

Database में हमें tables की JOINING कराने की जरुरत तब पड़ती है जब हम किसी एक table के कुछ records को किसी दूसरे table के कुछ records के साथ map करके एक व्यवस्थित तरीके से दिखाना चाहते हैं।

SQL Join Clause के प्रकार

SQL join types: Database में मुख्यत: चार प्रकार के JOINS का प्रयोग किया जाता है जिनका वर्णन हम निम्न प्रकार से कर सकते हैं।

  1. Inner Join
  2. Left Join (Left Outer Join)
  3. Right Join (Right Outer Join)
  4. Full Join (Full Outer Join)

1. Inner Join

Inner join in sql: जब भी हम database में दो या दो से अधिक tables में INNER JOIN का प्रयोग करते हैं तब यह tables के उन्हीं values को return या select करता है जोकि दोनों ही tables में match हो रहे होते हैं अर्थात database में INNER JOIN का प्रयोग parent table तथा child table के common values को select करने के लिए किया जाता है।

Database में INNER JOIN का प्रयोग करने के लिए दोनों ही tables में एक common values वाले या common column का होना बोहोते ही जरूरी होता है यानि कि हम parent table में जिस भी column को primary key column बनाते है उसी same column को हम child table में foreign key column बनाकरके INNER JOIN के द्वारा आसानी से दोनों tables के common values को select कर सकते हैं।

Inner Join Syntax:

SELECT table1.column_name(s) FROM table1 INNER JOIN table2 ON table1.common_column_name(s) = table2.common_column_name(s);

या,

SELECT column_name(s) FROM table1 INNER JOIN table2 ON table1.column_name(s) = table2.column_name(s);

Example: Database में INNER JOIN का प्रयोग तब किया जाता हैं हमें दो या दो से अधिक tables से columns को select करके एक साथ में दिखाना होता है।

मान लीजिए कि database में तीन tables को create किया गया है जिनके नाम क्रमश: table1, table2 तथा table3 है। अब अगर आप इन तीनों ही tables के सभी records को एक साथ में select करके देखना चाहते हैं तब हम इन सभी tables को join कराने के लिए INNER JOIN का प्रयोग करते हैं।

लेकिन INNER JOIN का प्रयोग करके tables की joining कराने के लिए सबसे जरूरी होता है कि तीनों ही tables में same values या same datatypes वाला एक column होना चाहिए क्योंकि उसी common column के आधार पर या माध्यम से आप INNER JOIN का प्रयोग करके tables की joining करा सकते हैं और तीनो ही tables के records को एकसाथ में select कर सकते है।

SELECT tablel.*, table2.*, table3.* FROM table1 INNER JOIN table2 ON tablel.column_name(s) = table2.column_name(s) INNER JOIN table3 ON table1.column_name(s) = table3.column_name(s);

और,

SELECT Students.*, Fees.*, Marks.* FROM Students INNER JOIN Fees ON Students.email = Fees.email INNER JOIN Marks ON Students.email = Marks.email;

Database में JOINING का प्रयोग करने पर JOINING virtual tables को return करता है तथा पर JOINING द्वारा return कि गई virtual tables में कुल column की संख्या उन सभी tables के column के बराबर होती है जिन भी tables की आपने JOINING करायी हैं।

Database में जब भी हम tables को JOIN करने के लिए INNER JOIN का प्रयोग करते है तो common datatypes वाले same columns के आधार पर INNER JOIN का प्रयोग किया जाता है।

INNER JOIN या किसी भी JOINING के लिए यह बिल्कुल भी जरूरी नहीं होता है कि tables में primary key तथा foreign key के द्वारा relation create किया गया हो यानि कि हम parent table में primary key तथा child table में foreign key का प्रयोग किये बिना parent table और child table में INNER JOIN का प्रयोग आसानी से कर सकते हैं।

2. Left Join (Left Outer Join)

Left outer join in sql: जब भी हम database में दो या दो से अधिक tables की joining कराने के लिए LEFT JOIN का प्रयोग करते हैं तब यह left table (बायीं टेबल) के सभी records को select करता है तथा right table के केवल उन records को select करता है जोकि left table (बायीं टेबल) के records से match कर रहे होते हैं।

यदि LEFT JOIN का प्रयोग करने पर right table (दायीं टेबल) का कोई भी record left table (बायीं टेबल) से match नहीं होता है तो इससे left table (बायीं टेबल) के सभी records तो select होते हैं लेकिन right table (दायीं टेबल) का कोई भी record select नहीं होता है।

Left Outer Join Syntax:

SELECT table1.column_name(s) FROM table1 LEFT JOIN table2 ON table1.column_name(s) = table2.column_name(s);

Example: SQL में Left Join (Left Outer Join) का प्रयोग निम्न प्रकार से किया जाता है।

SELECT Customers.CustomerName, Orders.OrderID FROM Customers LEFT JOIN Orders ON Customers.CustomerID = Orders.CustomerID ORDER BY Customers.CustomerName;

3. Right Join (Right Outer Join)

Right outer join in sql: जब भी database में दो या दो से अधिक tables की joining कराने के लिए RIGHT JOIN का प्रयोग करते हैं तो इससे right table (दायीं टेबल) के सभी records select होकर आते हैं तथा left table (बायीं टेबल) के केवल वही records select होते हैं जोकि right table (दायीं टेबल) के records से match कर रहे होते हैं।

Database में RIGHT JOIN का प्रयोग करने पर यदि left table (बायीं टेबल) का कोई भी record right table (दायीं टेबल) के records से match नहीं होता है तो इससे left table (बायीं टेबल) का कोई भी record select होकर नहीं आता है तथा हमे केवल right table (दायीं टेबल) के सभी records select होकर दिखाई पड़ते हैं।

Database में LEFT JOIN तथा RIGHT JOIN दोनों का ही प्रयोग करने पर टेबल से null values भी select होकर आते हैं।

Right Outer Join Syntax:

SELECT table1.column_name(s) FROM table1 RIGHT JOIN table2 ON table1.column_name(s) = table2.column_name(s);

Example: SQL में Right Join (Right Outer Join) का प्रयोग निम्न प्रकार से किया जाता है।

SELECT Orders.OrderID, Employees.LastName, Employees.FirstName FROM Orders RIGHT JOIN Employees ON Orders.EmployeeID = Employees.EmployeeID ORDER BY Orders.OrderID;

4. Full Join (Full Outer Join)

Full outer join in sql: जब भी हम database में दो या दो से अधिक tables की joining कराने के लिए FULL JOIN का प्रयोग करते हैं तो left table (बायीं टेबल) और right table(दायीं टेबल) के सभी records null values सहित select होकरके आते हैं।

Full Outer Join Syntax:

SELECT table1.column_name(s) FROM table1 FULL OUTER JOIN table2 ON table1.column_name(s) = table2.column_name(s);

Example: SQL में Full Join (Full Outer Join) का प्रयोग निम्न प्रकार से किया जाता है।

SELECT Customers.CustomerName, Orders.OrderlD FROM Customers FULL OUTER JOIN Orders ON Customers.CustomerID = Orders.CustomerID ORDER BY Customers.CustomerID;

निष्कर्ष – SQL Join Clause

दोस्तों मैं उम्मीद करता हूँ कि मैंने इस पोस्ट के माध्यम से आपको Join Clause in SQL यानि कि SQL Join Clause क्या है तथा उसके विभिन्न प्रकार के बारे में बताया है उन्हें आप बोहोत ही आसानी से समझ गए होंगे गए होंगे क्यूंकि मैंने इस पोस्ट के माध्यम से आपको बोहोत ही आसानी से यह समझाने का पूर्णतः प्रयास किया है कि आप कैसे SQL Join Clause तथा उसके विभिन्न प्रकारों का प्रयोग कर सकते है।


पोस्ट को पूरा पढने के लिए धन्यवाद ! अगर आपका इस पोस्ट से सम्बन्धित कोई भी प्रश्न है तो आप नीचे कमेंट करके पूंछ सकते है |

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